तुम क्या तलवार उठाओगे बाज़ू में तुम्हारे दम नहीं
तुम क्या गोली चलाओगे सीने में तुम्हारे हिम्मत नहीं
बेज़ुबान को तुम सिर्फ काट सकते हो बस
ये हम है वंशज राणा प्रताप और शिवाजी के
कोई मज़ाक नहीं जिस दिन हम आपा खो बैठे
टुकड़े भी तुम्हारे खंजर भी तुम्हारा
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