लिया जो हाथ तेरा मैंने अपने हाथ में
लकीरें हमारी जुड़ गई
तेरी खुशी सारी अब
मेरी ज़रूरत बन गयी
जो तूने अपना सर रखा मेरे सीने पे
मेरी धड़कन बढ़ गयी
मंजिल कितनी भी दूर सही
रहे पर अब सवांर गयी
तूने जो टूट के प्यार किया
मेरी किस्मत ही बदल गयी
दोस्त ही जो साथी बन जाये
ताकत चौगनी कर गयी
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